Hindi Shayari Dil Se

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Sad Shayari in Hindi – Part-3 (Toote Dil Ki Shayari, Broken Heart Shayari, Tanhai, Bewafai, Judai)

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Sad Shayari in Hindi – Part-3
(Toote Dil Ki Shayari, Broken Heart Shayari, Tanhai, Bewafai, Judai)
मुझसा कोई जहाँ में नादान भी न हो
,
कर के जो इश्क कहता है नुकसान भी न हो
…!!
=-=-=-=-=
मेरे ही हाथों पर
लिखी है तकदीर मेरी;
और मेरी ही तक़दीर पर मेरा बस नहीं चलता।
=-=-=-=-=
क्या खूब होता अगर यादें रेत होती…
मुठी से गिरा देते, पाँव से उड़ा देते…
=-=-=-=-=
जीने के लिए रोज़ हँस लेता हुँ,
मगर,
रोज़ थोड़ी थोड़ी ज़िन्दगी बेच लेता हुँ…
=-=-=-=-=
आगे आती थी हाल ए  दिल पे हसी
अब किसी बात पे
नहीं आती
=-=-=-=-=
अब  इस से  ज्यादा  क्या नरमी  बरतू
दिल  के ज़ख्मो को छुया है  तेरे गालों  की तरह
=-=-=-=-=
पत्ता पत्ता बूटा  बूटा  हाल  हमारा जाने हैं
जाने न  जाने गुल  ही न  जाने  , बाग़  तो सारा  जाने  हैं
=-=-=-=-=
मेरे लफ्जों स न कर
मेरे किरदार का फैसला
तेरा वजूद मिट जायेगा मेरी हकीक़त ढुँढते ढुँढते
=-=-=-=-=
कुछ तबियत ही  मिली थी ऐसी  , चैन से जीने  की सूरत न हुयी
जिसको चाह उसको अपना न सके
, जो मिला उस से  मोहब्बत न हुयी
=-=-=-=-=
जिंदगी के राज़ को
रहने दो,
अगर है कोई ऐतराज़ तो रहने दो,
पर जब दिल करे हमें याद करने को,
तो उसे ये मत
कहना के आज रहने दो
=-=-=-=-=

जिनके मिलते ही ज़िन्दगी में ख़ुशी मिल जाती है
वो लोग जाने क्यों ज़िन्दगी में कम मिला करते हैं।
=-=-=-=-=
ज़ख़्म जब मेरे सिने के भर जाएँगे,
आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएँगे,
ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया,
वरना कुछ अपनो के
चेहरे उतर जाएँगे
=-=-=-=-=
जब मोहब्बत ही नहीं दरमियाँ..
वो रुठेंगे भी क्या, हम
मनाएंगे भी क्या…
=-=-=-=-=
आज जाकरके उसने, सच में भुलाया है मुझे…
वरना ये हिचकियाँ , पानी से तो नहीं जाती थीं…
=-=-=-=-=
तू इतना याद ना
कर मुझ को
,
के हिचकिया तेरे राज़ , सरे आम खोलती है
=-=-=-=-=
बेवफाई तो यहाँ सभी करते हैं…………
अरे आप तो समझदार थे कुछ तो नया करते..
=-=-=-=-=
ऐसी बेरुखी भी देखी है हम ने…..
के लोग,आप
से तुम तक……
 तुम से
जान तक,
फिर ‘जान’ से….. ‘अनजान’ तक
हो जाते है.
=-=-=-=-=
अजीब फितरत है उस
समंदर की…………………..
जो टकराने के लिए पत्थर ढुंढता है…..
=-=-=-=-=
वो मेरी किस्मत मैं नहीं,
ये सुना है लोगों से,
फिर सोचता हूँ, किस्मत खुदा लिखता है,
लोग नहीं….
=-=-=-=-=
जिन्दगी ने आज फिर हमारी अजमाइश की है
l
भूले हुए लोगो से
फिर मिलने की फरमाइश की है
=-=-=-=-=
इक-इक पत्थर जोड़ के मैंने जो दीवार बनाई है
झाँकूँ उसके पीछे तो
रुस्वाई ही रुस्वाई है
=-=-=-=-=
हम बने ही थे
तबाह होने के लिए…
तेरा मिलना तो बस
एक बहाना था..
=-=-=-=-=
आराम से कट रही थी तो अच्छी थी….
जिंदगी तू कहाँ इन
आँखों की बातों में आ गयी….
=-=-=-=-=
तुमसे मुमकिन हो तो
रोक दो सासें मेरी…
दिल जो थङकेगा तो
याद तुम ही आओगे…!!
=-=-=-=-=
Hai Chand Ka Muhn Bhi Utra Utra
Taro Ne Chamkna Chod Diya
Jis Din Se Juda Wo Humse Huye
Is Dil Ne Dhadkna Chhod Diya
=-=-=-=-=
Chale jaana chaahta hu tujhe tere haal par chhod kar,
Qaddar kyaa hoti hai pyaar ki tujhe waqt hi sikha dega..
=-=-=-=-=
Meri tadap toh kuch bhi nahi hai…
Suna hai uss ke deedar ko toh aainay bhi taraste hain..
=-=-=-=-=
Jaruri nahi ki kaam se hi insan thak jaye ,
Khayalo ka boj bhi insan ko thaka deta hai…
=-=-=-=-=
Muje Nahi Pata..,Ye Sudhar Gaya Ya Bigad gaya…
Bassss Ab Ye Dil kisi Se Muhaabat Nahi Karta. . .
=-=-=-=-=
Main kaun hoon yeh pata chal jaaye toh mujhe bhi bata dena.
Kaafi dinon se talash hai mujhe meri.
=-=-=-=-=
Meri likhi baat ko har koi samaj nahi paata..,
kyonki mein ehsaas likhta hoon aur log alfaz padhte hain…
=-=-=-=-=
Chalo So Jate Hain ab Phir Kisi Such ki Talash Me ,,
K Subha Phir is Jhooti Dunya Ka Deedar Karna Hai …!!
=-=-=-=-=
Aap To Chand Ho Jise Sab Yaad Karte Hain,
Hamari Kismat To Sitaro Jaisi Hai, Yaad Karna To Door…
=-=-=-=-=
Log Apani Khwahish Ke Liye Bhi
Hamare Tootne Ka Intezar Karte Hain.
=-=-=-=-=
Kuch is liye raato ko sona chod diya hum ne……
Agar wo khwab me bhi bichad gaye to mar jayenge hum……
=-=-=-=-=
Tum, Tum aur sirf Tum,
Lo khatam hui yeh dastan dil ki..
=-=-=-=-=
Khuda Na Kary _____ .
Tuje Tuj Sa Miley Koi . !!
=-=-=-=-=
Teri yaad se to acchhi meri sharaab hai zaalim. …
Kambakht rulaane Ke bad sula to deti hai mujko. …
=-=-=-=-=
Suno !
Ye jo ishq ha na…,,
Jaan le leta ha,, Magar phir bhi maut nahi ati…!!
=-=-=-=-=
Jate Hue Us Shakhs Ne Ek Ajab Bad’dua Si Di..!
Tujhe MiLein do Jahan Ki Khushiyan Par Koi Mujh Sa Na
Mile..!
=-=-=-=-=
Wo Log Q miLte hi Utar jate hain diL main
Jin Logon se Qismat k Sitare nhi miLte…
=-=-=-=-=
Tera Bhi Hota Agar DiL, Ae IshQ
Din Main Taare Tujhe Bhi Dikha Daiti…
=-=-=-=-=
Mere Sajdon Mein Kami To Na Thi Aye KHUDAa
Kya Mujh Se Bhi Barh K Kisi Ne MaanGa Tha Usey…
=-=-=-=-=
Bhooool Jaaata Hooon Saaari Duniyaaa ………!
Mujhy Tum Itna Yaaaad Aaaty Ho…
=-=-=-=-=
Gilaa Banta Hi Nahi Be’Rukhi Ka…!!
DiL Hi To Tha____ Bhar Gaya HoGa…!!
=-=-=-=-=
Kabhi PathaR ki Thokar se Bhi NhiN ati KharaaSh,,,,
Kabhi Ek zra si Baat se InsaaN bikher Jata he……!!!!!
=-=-=-=-=
Halaat kuch iss tarah badlay uss k or meray dermiyan.
Na usay meri zarurat rehi na mujhay uss ki tamana…
=-=-=-=-=
Ay Tabib ! Ek Bar Tou Kr dy Dawa-e-Dard-e-Dil,
Agli Bar Toba, So Baar Toba, Hum Muhabbat Na kary Gy………………
=-=-=-=-=
Tery Grajney Se bohot khOff Aata hai ..
Ay Badal ..
Tu Be-Awaaz hi BaraS liya kar mere AnSuon ki tarah…..
=-=-=-=-=
Abb koiiii aarzo nhiii baki..
justaju meriii akhriiii tum thy….!
=-=-=-=-=
Jab Jaan Pyari Thi Toh Dushman Hazaron The…
Ab Marne Ka Shauk Hua To Qatil Nahi Milte….
=-=-=-=-=
Khafa nahi hu tujse ae zindagi
aadat si pad gai hei ruthne ki..
=-=-=-=-=
Mat Chaho Kisi Ko Itna Toot Kar Zindagi Me
Bichard Gaye Toh Har Ek Ada Tang Karegi..!!
=-=-=-=-=
Bus ik khayal sy anso chupa lye hum ne
udas rah kar ksi ko udas kya karna!!!?
=-=-=-=-=
Ansu0n ko khabar kaise hui teri judai ki..
Shayad ye khud hi nikal aye hain teri talash me…
=-=-=-=-=
Mujhe Na Dhoond Zameen-o-Asman ki Gardishon mein,,,,,
Mein Agar tere dil Mein Nahin to kaheen bhi nahi…
=-=-=-=-=
Umeed -e- wafa na rakhna un logon se dosto .
Jo milte h kisi aur se aur hote h kisi or ke…
=-=-=-=-=
Dil Ki Duniya Kuch Iss Tarah Se Ujdi,
Usne Dard Ka Aadi Banna Ke Dard Dena Chodd Diya!
=-=-=-=-=
Muqaddar Mein Raat Ki Neend Nahi Toh Kya Huva,
Jab Mout Aayegi Toh Jee Bhar Ke Soa Lain Ge.
=-=-=-=-=
KHayal_e_Yarr mein neend ka tassawur kaisa?????
Ankh lagti he nai hai Ankh lagi hai jub se..
=-=-=-=-=
Nahi Rahi Woh Muhabbat Ki Haqiqat Aaj K Daur Main,,,
Nafz Ki Pyaas Bujhane Ko Log Ishq Ka Naam Dete Hain…
=-=-=-=-=
Khud Se Hi Fursat Na Mili Kabhi Warna
Hum Agar Kisi K Hotay Sirf Tumhare Hotay…
=-=-=-=-=
Shikway, To Youn Karte Ho Mujh Se
Jese Sirf, Mere Hee Ho Tum…
=-=-=-=-=
Ye tera khel na ban jaye haqiqat ek din…
Ret pe likh k mera naam mitaya na karo…
=-=-=-=-=
Aksar Log Hame Bhul Jate Hai,
Aur Hum Bewkuf
Unki Yaando Me,
Apna “AASHIYANA” Bana Lete Hai.!!
=-=-=-=-=
कौन कहता है कि
दिल सिर्फ लफ्जों से दुखाया जाता है..
तेरी खामोशी भी कभी कभी आँखें नम कर देती हैं
… !!
=-=-=-=-=
चाँद ने की होगी सूरज से महोब्बत इसलिए तो चाँद मैं दाग है
मुमकिन है चाँद से
हुई होगी बेवफ़ाई इसलिए तो सूरज मैं आग है
=-=-=-=-=
मुहब्बत तो दिल देकर, की
जाती है मेरे दोस्त।
चेहरा देखकर तो लोग,सिर्फ सौदा करते हैँ।..
=-=-=-=-=
जनाजा इसीलिए भी भारी हे मेरा..
कि सारे अरमान साथ लिये जा रहा हूँ ।
=-=-=-=-=
यूँ ना बर्बाद कर
मुझे,
अब तो बाज़ आ दिल दुखाने से ।
मै तो सिर्फ इन्सान हूँ,
पत्थर भी टूट जाता है,
इतना आजमाने  से ।
=-=-=-=-=
वफादार और तुम…??
ख्याल अच्छा है,
बेवफा और हम…??
इल्जाम भी अच्छा है…
=-=-=-=-=
सामने मंजिल थी और, पीछे उसका वज़ूद…क्या करते,
हम भी यारों.
रूकते तो सफर रह
जाता…
चलते तो हमसफर रह जाता…”
=-=-=-=-=
हजारों झोपड़िया जलकर राख होती हैं,
तब जाकर एक महल बनता है.
आशिको के मरने पर
कफ़न भी नहीं मिलता,
हसीनाओं के मरने पर “”ताज महल””
बनता है.
=-=-=-=-=
माना की दूरियां कुछ बढ़ सी गयीं हैं
लेकिन तेरे हिस्से का
वक़्त आज भी तनहा गुजरता है…
=-=-=-=-=
मुझे मालूम है कि
ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं…
मगर जिंदा रहने के
लिए कुछ गलतफहमियां जरूरी हैं…!!
=-=-=-=-=
हम बने थे तबाह होने के लिए……
तेरा छोड़ जाना तो
महज़ इक बहाना था….!!
=-=-=-=-=
मैं आपकी नज़रों से
नज़र चुरा लेना चाहता हूँ,
देखने की हसरत है
बस देखते रहना चाहता हूँ ।
=-=-=-=-=
दर्द तन्हाँ कभी नहीं रहता
ये तुझे, मुझमें तलाश लेता है
=-=-=-=-=
तुम से जिद करते तो हम मांगते क्या…!
खुद से जिद करके तो तुमको मांगा था
=-=-=-=-=
उनकी ना थी खता, हम
ही कुछ गलत समझ बैठे यारों……
वो मुहब्बत से बात करते थे,
तो हम मुहब्बत समझ बैठे…..
!!
=-=-=-=-=
ऐ ज़िन्दगी मुझे तोड़ कर ऐसे बिखेर अब की बार…….
ना खुद को जोड़ पाऊँ मै,
ना फिर से तोड़ पाये वो…..!!
=-=-=-=-=
गल्हतफ़हमी की गुंजाईश नहीं सच्ची मुहब्बत में………
जहाँ किरदार हल्का हो
कहानी डूब जाती है…….!!
=-=-=-=-=
जिंदगी से कोई चीज़ उधार नहीं मांगी मैंने….
कफ़न भी लेने गए
तो जिंदगी अपनी देकर….!!
=-=-=-=-=
कुछ ज़ख्म सदियों बाद भी ताज़ा रहते है……
वक़्त के पास भी
हर मर्ज़ की दवा नहीं होती…!!
=-=-=-=-=
हाथ ज़ख़्मी हुए तो
कुछ अपनी ही खता थी…..
लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर….!!
=-=-=-=-=
मेरा कत्ल करके क्या मिलेगा तुमको…….
हम तो वैसे भी
तुम पर मरने वाले हैं
….!!
=-=-=-=-=
खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं………
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं….!!
=-=-=-=-=
सूखे होठो से ही
होती हैं प्यारी बातें
प्यास बुज़ जाये तो
इंसान और अल्फाज़ दोनो बदल जाते हैं
..!!
=-=-=-=-=
“हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं”
=-=-=-=-=
होठों ने सब बातें छुपा कर रखीं
……
आँखों को ये हुनर…
कभी आया ही नहीं
……
=-=-=-=-=
कितनी सदियों के बाद मिले हो,
वक़्त से क्यों, इतना छिले हो!!!?
=-=-=-=-=
इक ज़ख़्मी परिन्दे की
तरह जाल में हम हैं,
ऐ इश्क़ अभी तक
तेरे जंजाल में हम हैं।
=-=-=-=-=
खुदा भी अब मुझसे बहुत परेशान है……
रोज़ रोज़ जब से
दुआ में तुझे मांगने लगा हूँ….!!
=-=-=-=-=
मालूम होता है भूल गए हो शायद…….
या फिर कमाल का
सब्र रखते हो…..!!
=-=-=-=-=
 “ना मुस्कुराने को जी चाहता है,
ना आंसू बहाने को
जी चाहता है,
लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में,
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.”
=-=-=-=-=
कुछ ना रहा पास तो रख ली संभाल कर तन्हाई
.
.
ये वो सल्तनत है
जिसके बादशाह भी हम
वज़ीर भी हम और
फ़क़ीर भी हम………
=-=-=-=-=
 “इस कदर हर तरफ तन्हाई है,
उजालो मे अंधेरों की
परछाई है,
क्या हुआ जो गिर गये पलकों से आँसू,
शायद याद उनकी चुपके से चली आई है
=-=-=-=-=
इतनी पीता हू….
इतनी पीता हू की
मदहोश रहता हू.
सब कुछ समझता हू
पर खामोश रहता हू
जो लोग करते ह मुझे गिराने की कोशिश
मे अक्सर उन्ही के
साथ रहता हू|.
=-=-=-=-=
हकीकत में ये ख़ामोशी हमेशा चुप नहीं होती।
कभी तुम ग़ौर से
सुनना ये बोहत क़िस्से सुनाती है।
=-=-=-=-=
तेरी महफिल से उठे तो किसी को खबर तक नही थी
!
तेरा मुड़-मुड़कर देखना हमे बदनाम कर गया
=-=-=-=-=
“जाने कब-कब किस-किस ने कैसे-कैसे तरसाया मुझे,
तन्हाईयों की बात न पूछो महफ़िलों ने भी बहुत रुलाया मुझे”
=-=-=-=-=
ला तेरे पेरों पर
मरहम लगा दूं…
कुछ चोट तो तुझे भी आई होगी मेरे दिल को ठोकर मार कर…!!!
=-=-=-=-=
उनसे कहना कि किस्मत पे इतना नाज़ ना करें,
हमने बारिश में भी
जलते हुए मकान देखें हैं
=-=-=-=-=
ये मुकरने का अंदाज़ मुझे भी सीखा दो
वादे नीभा-नीभा के थक
गया हूँ मैं…
=-=-=-=-=
“दीदार की ‘तलब’
हो तो नज़रे जमाये रखना
‘ग़ालिब’
क्युकी, ‘नकाब’ हो या ‘नसीब’…..सरकता जरुर है.”
=-=-=-=-=
हमे पता था की
उसकी मोहब्बत में ज़हर हैं
;
पर उसके पिलाने का
अंदाज ही इतना प्यारा था की हम ठुकरा ना सके !
=-=-=-=-=
लोग कहते है हम
मुस्कराते बहुत है…
और हम थक गए
दर्द छुपाते छुपाते…
=-=-=-=-=*
गम में भी हम
इस तरह जीते हैं
जैसे शादियों में लोग शराब पीते हैं
=-=-=-=-=
बादलों से कह दो
अब इतना भी ना बरसे….
अगर मुझे उनकी याद आ गई,
तो मुकाबला बराबरी का
होगा….
=-=-=-=-=
छीन लेता है हर
चीज मुझसे
ए खुदा…
क्या तू भी इतना गरीब है????
=-=-=-=-=
कितना अजीब हो गर
पलट जाये बाजी सारी..
वो मुझे याद करे और मै मसरूफ रहू.
=-=-=-=-=
अगर है दम तो
चल डुबा दे मुजको,
समंदर नाकाम रहा, अब तेरी आँखो की बारी…।..
=-=-=-=-=
कुछ तुम को भी
अज़ीज है अपने सभी उसूल,
कुछ हम भी इत्तेफाक से जिद्द के मरीज़ हैं ।।
=-=-=-=-=
सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह
…. ..
उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह
.
=-=-=-=-=
उसने पूछा …कोई आखरी ख्वाइश ?
ज़ुबान पे फिर ” तुम ” आ गया
=-=-=-=-=
सहमी-सहमी हुई रहती हैं मकाने दिल में
आरज़ूएँ भी ग़रीबों की
तरह होती हैं
..
=-=-=-=-=
Iss Nazar” Se Dekha Hai Tujhe..
Jis Nazar Se Tujhe “Nazar” Na Lage !
=-=-=-=-=
अजब पहेलियां हैं हाथों की लकीरों में…
सफर ही सफर लिखा है हमसफर कोई नहीं…
=-=-=-=-=
क्या नए ज़ख्म की
यह आहट है,
आज फिर कोई मुझे ‘अपना’ कह
गया..|।।
=-=-=-=-=
दिल प्यार में बेक़रार भी होता हैं दोस्ती में थोड़ा इंतज़ार भी होता हैं
होती नहीं प्यार में दोस्ती पर दोस्ती में शामिल प्यार भी होता हैं
=-=-=-=-=
वो रोज मुझको देती है जीने के मशवरे
!!..
और वो खुद अपनी मुठ्ठी में मेरी जान लिये बैठी है
!!!!…
=-=-=-=-=
बहुत अन्दर तक तबाही मचाता है
वो आंसू जो आँखों से
‘बह’ नहीं पाता है……..
=-=-=-=-=
अपनों की चाहतों ने
दिया कुछ ऐसा फरेब
,
कि रोते रहे लिपटकर हर एक अजनबी से हम…
=-=-=-=-=
अब हाल पर हमारे~हमको छोड़ भी दो यारों~~
लेते फिरें तुम्हारे अहसान और कितने…।।।
=-=-=-=-=
तन्हाइयों की आदत अब
हो गई हमें तुम्हारा पास आना,अब
भाता नहीं
यूं फैले हमारी चाहतों के फासले,
अब किसी चाहत से,कोई नाता नहीं
=-=-=-=-=
हक़ीकत से बहुत दूर है ख्वाहिश मेरी,
फिर भी ख्वाहिश है
कि…
एक तेरा ख्वाब हक़ीकत हो जाए………!
=-=-=-=-=
ए दिल ,चल एक सौदा करते हैं
,
मैं उसके लिए तड़पना छोड़ देता हूँ
, तू मेरे लिए धड़कना छोड़ दे
…!!
=-=-=-=-=
चलते थे इस जहाँ में कभी सीना तान के हम
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ घुटनो पे आ गए..
=-=-=-=-=
गुमान न कर अपनी खुश-नसीबी का..
खुदा ने गर चाहा तो तुझे भी इश्क होगा..
=-=-=-=-=
तुझे कोई और भी
चाहे,
इस बात से दिल थोडा थोडा जलता है,
पर फकर है मुझे इस बात पे कि,
हर कोई मेरी पसंद पे ही मरता है…!!!
=-=-=-=-=
वो अपने फ़ायदे की
खातिर फिर आ मिले थे हम से,
हम नादान समझे के
हमारी दुआओं में असर बहुत है..
=-=-=-=-=
जिसको सूरज मेरी चौखट से मिला,

वों उजाले हमे खैरात में देतें है….
!!!
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  1. #पगले #शिकवा #तकदीर_का
    ना #शिकायत_अच्छी,
    #खुदा जिस #हाल_मे_रखे
    वही #जिंदगी_अच्छी ।

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