Hindi Shayari Dil Se

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Month – June 2014

Romantic Shayari On Picture : Tera Chehra Hai Aaine Jaisa

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Romantic Shayari On Picture : Tera Chehra Hai Aaine Jaisa :

तेरा चेहरा है आईने जैसा
क्यो न देखू है देखने जैसा
तुम कहो तो मैं पूछ लू तुमसे
है सवाल एक पूछने जैसा
दोस्त मिल जायेगे कई लेकिन
न मिलेगा कोई मेरे जैसा
तुम अचानक मिले थे जब पहले
पल नहीं है वो भूलने जैसा
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Inspirational Shayari – Part-1 (Motivational Shayari, Anmol Vachan And Anmol Suvichar In Hindi, अनमोल वचन, हिन्दी सुविचार, प्रेरक शायरी)

होके मायुस ना
यु शाम
की तरह
ढलते रहिये,
जिन्दगी एक भोर
है सुरज
कि तरह
निकलते रहिये,
ठहरोगे एक पाव
पर तो
थक जाओगे,
धीरे धीरे ही
सही मगर
राह पर
चलते रहिये..
=-=-=-=-=
तुम्हारे जैसे हमने
देखनेवाले नहीं देखे |
जिगर में किस
तरह से
रंजो ग़म
पाले नहीं
देखे ||
यहाँ पर जात
मजहब का
हवाला सबने
देखा है|
किसी ने भी
हमारे पाओं
के छाले
नहीं देखे
||
=-=-=-=-=
कदम उठने नहीं
पाते, के
रास्ता काट
देता है|
 मेरे मालिक
मुझे आखिर
तू कब
तक आजमाएगा||
=-=-=-=-=
हमने भी सोकर
देखा हैं
नए पुराने
सहरो में
पर जैसा भी
हो अपने
गर का
बिस्तर अच्छा
लगता हैं
=-=-=-=-=
ठिकाना कब्र है
तेरा, इबादत
कुछ तो
कर ग़ाफिल,
कहावत है कि
खाली हाथ
घर जाया
नहीं करते..
=-=-=-=-=
फ़िक्र-ऐ -ज़िन्दगी
ने थोड़े
फासले बड़ा
दिए हैं
वरना
सब दोस्त साथ
ही थे
,अभी कल
की ही
तो बात
हैं
=-=-=-=-=
क्या हुआ जो
बदल गयी
है दुनिया
मैं भी तो
बहोत बदल
गया हूँ
=-=-=-=-=
मोहब्बतें तो कभी
रास न
आई हमको
नफरतों के बीच
कभी हम
रहे ही
नहीं
=-=-=-=-=
तहज़ीब में भी
उसकी क्या
ख़ूब अदा
थी,,
नमक भी अदा
किया तो
ज़ख़्मों पर
छिड़क कर.!!!!!
=-=-=-=-=
हर शख्स  दौड़ता 
हैं यहाँ भीड़ की तरफ
फिर भी चाहता
है 
उसे रास्ता मिले
=-=-=-=-=

हर तरफ हर
जगह बेशुमार
आदमी ,
फिर भी तनहाइयों
का शिकार
आदमी
=-=-=-=-=
ख़ुदा को पा
गया वाइज़
मगर है
,
ज़रूरत आदमी को
आदमी की
=-=-=-=-=
घरों पे नाम
थे नामों
के साथ
ओहदे थे
,
बहुत तलाश किया
कोई आदमी
न मिला
=-=-=-=-=
वक्त रहता नहीं
कहीं छुपकर
,
इस की आदत
भी आदमी
सी है.
=-=-=-=-=
आदमी आदमी से
मिलता है
,
दिल मगर कम
किसी से
मिलता है.
=-=-=-=-=
एक ही चौखट
पे सर
झुके
तो सुकून मिलता
है
भटक जाते हैं
वो लोग
जिनके हजारों खुदा
होते हैं
=-=-=-=-=
यह शहर जालिमो
का है
संभल कर
चलना
लोग सीने से
लग कर
दिल ही
निकाल लेते
हैं
=-=-=-=-=
मेरी इबाबतो को
ऐसे कर
कबूल ऐ
खुदा
के सजदे में
,मै झुकू
तो हर
रिश्तों कि
जिन्दगी सवर
जाये !
=-=-=-=-=
वो लोग भी
चलते है
आजकल तेवर
बदलकर….
जिन्हे हमने ही
सिखाया था
चलना संभल
कर…..
=-=-=-=-=
वाह रे जिन्दगी
! भरोसा एक
पल का
भी नहीं
तेरा,
और नखरे तेरे,
मौत से
भी ज्यादा…
=-=-=-=-=
भूल जाओ उन
तारीखो को
जो चाबुक
बन कर
बरसे
याद रखो वो
पल जो
तुम्हारी यादो
में खुशियो
के संग
बरसे.
=-=-=-=-=
चंद फासला जरूर
रखिए हर
रिश्ते के
दरमियान
कयोकि बदलने वाले
अक्सर बेहद
अजीज ही
हुआ करते
हैं…
=-=-=-=-=
मैं झुक गया
तो वो
सज़दा समझ
बैठे,
मैं तो इन्सानियत
निभा रहा
था, वो
खुद को
ख़ुदा समझ
बैठे..
=-=-=-=-=
पोंछ लो अपने
बहते हुए
आँसुओ को
भला कौन रहना
पँसद करता
है टपकते
हुए मकानोँ
मेँ
=-=-=-=-=
भरोसा “खुदा” पर
है, तो
जो लिखा
है तकदीर
में, वो
ही पाओगे।
मगर, भरोसा अगर
“खुद” पर है, तो खुदा
वही लिखेगा,
जो आप
चाहोगे ।।
=-=-=-=-=
ज़िन्दगी एक हसीन
ख़्वाब है
जिसमें जीने
की चाहत
होनी चाहिये,
ग़म खुद ही
ख़ुशी में
बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने
की आदत
होनी चाहिये.
=-=-=-=-=
अजीब तमाशा है
मिट्टी के
बने लोगों
का यारों,
बेवफ़ाई करो तो
रोते हैं
और वफ़ा
करो तो
रुलाते हैं!
=-=-=-=-=
कड़ी से कड़ी
जोड़ते जाओ
तो जंजीर
बन जाती
है॥
मेहनत पे मेहनत
करते रहो
तो तक़दीर
बन जाती
है।”
=-=-=-=-=
दो कदम तो
सब चल
लेते हे
जिंदगी भर
का साथ
कोइ नही
निभाता
अगर रो कर
भुलाइ जाती
यादें तो
हसकर कोइ
गम ना
छुपाता ।।
=-=-=-=-=
अच्छे ने अच्छा
और बुरे
ने बुरा
जाना मुझे
क्यों की
जीसकी जीतनी जरुरत
थी उसने
उतना ही
पहचाना मुझे।
=-=-=-=-=
सियासत लोगों पर
ये एहसान
करती है,
पहले आँखें छिनती
है फिर
चश्मे दान
करती है.
=-=-=-=-=
लोग फिर भी
घर बना
लेते हैं
भीगी रेत
पर,
जानते हैं बस्तियां
कितनी समंदर
ले गया।
=-=-=-=-=
तू छोड़ दे
कोशिशें…..
इन्सानों को पहचानने
की…!
यहाँ जरुरतों के
हिसाब से
….
सब नकाब बदलते
हैं…!
=-=-=-=-=
अपने गुनाहों पर
सौ पर्दे
डालकर.
हर शख़्स कहता
है-
“ज़माना बड़ा ख़राब
है।”
=-=-=-=-=
सर झुकाने से
नमाज़ें अदा नहीं
होती …
दिल झुकाना पड़ता
है
इबादत के लिए
… !
=-=-=-=-=
ग़लतियों से जुदा
तू भी
नही, मैं
भी नही,
दोनो इंसान हैं,
खुदा तू
भी नही,
मैं भी
नही … !
” तू मुझे ओर
मैं तुझे
इल्ज़ाम देते
हैं मगर,
अपने अंदर झाँकता
तू भी
नही, मैं
भी नही
” … !!
” ग़लत फ़हमियों ने
कर दी
दोनो मैं
पैदा दूरियाँ,
वरना फितरत का
बुरा तू
भी नही,
मैं भी
नही…!!
=-=-=-=-=
एक पथ्थर सिर्फ
एक बार
मंदिर जाता
है और
भगवान बन
जाता है
..
इंसान हर रोज़
मंदिर जाते
है फिर
भी पथ्थर
ही रहते
है ..!!
=-=-=-=-=
एक औरत बेटे
को जन्म
देने के
लिये अपनी
सुन्दरता त्याग
देती है…….
और
वही बेटा एक
सुन्दर बीवी
के लिए
अपनी माँ
को त्याग
देता है
=-=-=-=-=
जीवन में हर
जगह 
हम “जीत” चाहते हैं…
सिर्फ फूलवाले की
दूकान ऐसी
है जहाँ
हम कहते
हैं कि
“हार” चाहिए।
क्योंकि हम भगवान
से “जीत”
नहीं सकते।
=-=-=-=-=
धीमें से पढ़े
बहुत ही
अर्थपूर्ण है यह मेसेज…
हम और हमारे
ईश्वर, दोनों
एक जैसे
हैं।
जो रोज़ भूल
जाते हैं…
वो हमारी गलतियों
को, हम
उसकी मेहरबानियों
को।
=-=-=-=-=
थक गया हूँ
तेरी नौकरी
से ऐ
जिन्दगी
मुनासिब होगा मेरा
हिसाब कर
दे…!!”
=-=-=-=-=
दोस्तों से बिछड़
कर यह
हकीकत खुली…
बेशक, कमीने थे
पर रौनक
उन्ही से
थी!!
=-=-=-=-=
भरी जेब ने
‘ दुनिया ‘ की पहेचान करवाई
और खाली जेब
ने ‘ इन्सानो
‘ की.
=-=-=-=-=
जब लगे पैसा
कमाने, तो
समझ आया,
शौक तो मां-बाप के
पैसों से
पुरे होते
थे,
अपने पैसों से
तो सिर्फ
जरूरतें पुरी
होती है।
=-=-=-=-=
बिना लिबास आए
थे इस
जहां में,
बस एक कफ़न
की खातिर,
इतना सफ़र करना
पड़ा….!!!!
=-=-=-=-=
हज़ारों ऐब
ढूँढ़ते है
हम दूसरों
में इस
तरह,
अपने किरदारों
में हम
लोग,फरिश्तें
हो जैसे….!!!!
=-=-=-=-=
ये सोच
कर की
शायद वो
खिड़की से
झाँक ले,
उसकी गली
के बच्चे
आपस में
लड़ा दिए
मैंने….!!!!
=-=-=-=-=
समय के
एक तमाचे
की देर
है प्यारे,
मेरी फ़क़ीरी
भी क्या,
तेरी बादशाही
भी क्या….!!!!
=-=-=-=-=
जैसा भी
हूं अच्छा
या बुरा
अपने लिये
हूं,
मै खुद
को नही
देखता औरो
की नजर
से….!!!!
=-=-=-=-=
मुलाकात जरुरी
हैं, अगर
रिश्ते निभाने
हो,
वरना लगा
कर भूल
जाने से
पौधे भी
सुख जाते
हैं….!!!!
=-=-=-=-=
नींद आए
या ना
आए, चिराग
बुझा दिया
करो,
यूँ रात
भर किसी
का जलना,
हमसे देखा
नहीं जाता….!!!!
=-=-=-=-=
दुनिया के बड़े
से बड़े
साइंटिस्ट,ये ढूँढ रहे है
की मंगल
ग्रह पर
जीवन है
या नहीं
पर आदमी ये
नहीं ढूँढ
रहा कि
जीवन में
मंगल है
या नहीं!
=-=-=-=-=
मोबाइल चलाना
जिसे सिखा
रहा हूँ
मैं,
पहला शब्द
लिखना उसने
मुझे सिखाया
था….!!!!
=-=-=-=-=
बैठ जाता हूं
मिट्टी पे
अक्सर…
क्योंकि मुझे अपनी
औकात अच्छी
लगती है..
=-=-=-=-=
यहाँ हर
किसी को,
दरारों में
झाकने की
आदत है,
दरवाजे खोल
दो, कोई
पूछने भी
नहीं आएगा….!!!!
=-=-=-=-=
“तू अचानक
मिल गई
तो कैसे
पहचानुंगा मैं,
ऐ खुशी..
तू अपनी
एक तस्वीर
भेज दे….!!!!
=-=-=-=-=
“इसी लिए
तो बच्चों
पे नूर
सा बरसता
है,
शरारतें करते
हैं, साजिशें
तो नहीं
करते….!!!!
=-=-=-=-=
महँगी से
महँगी घड़ी
पहन कर
देख ली,
वक़्त फिर
भी मेरे
हिसाब से
कभी ना
चला …!!”
=-=-=-=-=
युं ही
हम दिल
को साफ़
रखा करते
थे ..
पता नही
था की,
‘किमत चेहरों
की होती
है!!’
=-=-=-=-=
“दो बातें
इंसान को
अपनों से
दूर कर
देती हैं,
एक उसका
‘अहम’ और
दूसरा उसका
‘वहम’……
=-=-=-=-=
पैसे से
सुख कभी
खरीदा नहीं
जाता
और दुःख
का कोई
खरीदार नहीं
होता।
=-=-=-=-=
मुझे जिंदगी
का इतना
तजुर्बा तो
नहीं,
पर सुना
है सादगी
में लोग
जीने नहीं
देते।
=-=-=-=-=
“जिंदगी में हद
से ज्यादा
ख़ुशी और
हद से
ज्यादा गम
का कभी
किसी से
इज़हार मत
करना,
क्योंकि, ये दुनिया
बड़ी ज़ालिम
है, 
हद से ज्यादा ख़ुशी पर
‘नज़र’ और
हद से
ज्यादा गम
पर ‘नमक’
लगाती है.”
=-=-=-=-=
पानी दरिया में
हो या
आँखों में
,
गहराई और राज़
दोनोंमें होते
हैं!!
=-=-=-=-=
Gam Na Karna Kabhi Zindgi Me Kyuki Taqdeer Badalti Rehti Hai
Shesha Wahi Rehta Hai Bas Tasveer Badalti Rehti Hai
=-=-=-=-=
Kaun kehta hai ki musafir zakhmi nahin hote;
raaste gawah hain,
bas kambakht gawahi nahin dete..
=-=-=-=-=
HAR WAQT JINDGI SE GILE SIKVE THIK NAHI….
KABHI TO CHHOD DO IN KASTIYO KO MOUJO K SAHAARE….
=-=-=-=-=
“गलत कहेते है
लोग की
सफेद रंग
मै वफा
होती है…दोस्तो…!!!!
अगर ऐसा होता
तो आज
“नमक” जख्मो
की दवा
होता…..”
=-=-=-=-=
“कई रिश्तों को
परखा तो
नतीजा एक
ही निकला,
जरूरत ही सब
कुछ है,मुहब्बत कुछ
नहीं होती
।”
=-=-=-=-=
अगर भगवान नहीं
हैं
तो जिक्र क्यों.
..?
और अगर भगवान
हैं
तो फिर फिक्र
क्यों. ..!!
=-=-=-=-=
हर एक इंसान
हवा में
उडा फिरता
हैं…
फिर न जाने
धरती पर
इतनी भीड़
क्यों है?
=-=-=-=-=
उम्मीद वर्षों से
दहलीज़ पर
खडी वो
मुस्कान है,
जो हमारे कानों
में धीरे
से कहती
है;
“सब अच्छा होगा”
=-=-=-=-=
ठंड के कहर
में, वो
फकीर भी
मर गया….
जो एक रुपये
में,लाखों
की दुआएँ
देता था.
=-=-=-=-=
Kyu Dare, ki Zindagi Me Kya Hoga,
Har Waqt Kyu Soche Ki Bas Bura Hoga,
Badhte Rahe Bas Manzilo Ki ore,
Kuchh Na Bhi Mila To Kya,
Tazurba to naya Hoga.
=-=-=-=-=
Ab tu gam de ya fir khushi
Ye khuda ab jo hai teri marji….
=-=-=-=-=
Hak se de to teri Nafrat bhi Sar Aankho par. . .
Kheriyat me to teri mohabbat bhi manjur nahi. . .
=-=-=-=-=
Meray Bachpan Ke Din Bhi Kya Khoob The…. ,
Be-Namazi Bhi Tha Aur Be-Gunah Bhi…
=-=-=-=-=
जल जाते हैं
मेरे अंदाज़
से मेरे
दुश्मन 
क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने
न मोहब्बत
बदली और
न दोस्त
बदले .!!
=-=-=-=-=
मगरूर हमें कहती
है तो
कहती रहे
दुनिया,
हम मुड़ कर
पीछे किसी
को देखा
नहीं करते…
=-=-=-=-=
जरुरी नहीं रौशनी
चिरागो से
ही हो.
बेटियां भी घर
मैं उजाला
करती हैं..
=-=-=-=-=
Qadar karni hai tho jiteji karo,
Kafan uthane ke waqt to Nafrat karne waley bi Ro padte
hain..
=-=-=-=-=
kon kehta hai ki aadmi apni kismat khud likhta hai..
agar ye sach hai toh kismat me dard kon likta hai…
=-=-=-=-=
HAR WAQT JINDGI SE GILE SIKVE THIK NAHI….
KABHI TO CHHOD DO IN KASTIYO KO MOUJO K SAHAARE….
=-=-=-=-=
Jo Dil Ke Aainey Mein Ho,
Wohi Hai Pyaar Ke Qaabil
Warna Dewaar Ke Qabil To Har Tasveer hua karti Hai …
=-=-=-=-=
Mere aib mujhe ungliyon pe ginwaao,
Bas meri ghair maujoodgi mein mujhe bura na kehna..!
=-=-=-=-=
ये संगदिलों की
दुनिया है;
यहाँ संभल के
चलना ग़ालिब;
यहाँ पलकों पे
बिठाया जाता
है;
नज़रों से गिराने
के लिए।
=-=-=-=-=
ये जमीनकी फ़ितरत
है की
हर चिजको
सोख लेती
है ,,,
  वर्ना ,,
इन आँखों से
गिरनेवाले आंसुऔ का एक अलग
समंदर होता
!!!
=-=-=-=-=
मोहब्बत भी अजीब
चीज बनायीं
खुदा तूने,
तेरे ही मंदिर
में,
तेरी ही मस्जिद
में,
तेरे ही बंदे,
तेरे ही सामने
रोते हैं,
तुझे नहीं, किसी
और को
पाने के
लिए…!
=-=-=-=-=
कुछ करना ही
है तुझको
तो ये
करम कर
दे ..
मेरे खुदा तू
मेरी ख्वाहिशों
को ही
कम कर
दे. !
=-=-=-=-=
दर्द तो अकेले
ही सहते
हैं सभ…
भीड़ तो बस
फ़र्ज़ अदा
करती है..
=-=-=-=-=
इस कदर भूखा
हूँ ऐ
मेरे दोस्तों..
कि आजकल धोखा
भी खा
लेता हूँ!!
=-=-=-=-=
भूख रिश्तों को
भी लगती
है,
प्यार परोस कर
तो देखिये…….!
=-=-=-=-=
एक कब्र पर
लिखा था…
“किस को क्या
इलज़ाम दूं
दोस्तो,
जिन्दगी में सताने
वाले भी
अपने थे
और दफनाने
वाले भी
अपने थे..”
=-=-=-=-=
मतलबी दुनिया के
लोग खड़े
हैं, हाथो
में पत्थर
लेकर,
मैं कहा तक
भागू शिशे
का मुकद्दर
लेकर..
=-=-=-=-=
वो बचपन कितना
सुहाना था
सर ए
आम रोया
करते थे
अब एक आँसू
भी गिरे
तो लोग
हजारों सवाल
करते है….
=-=-=-=-=
“आवारगी छोड़ दी
हमने
तो लोग भूलने
लगे है
वरना
शोहरत कदम चूमती
थी
जब हम बदनाम
हुआ करते
थे…”
=-=-=-=-=
मैं वो शखश
नही जो
दिल पे
खंजर न
ले सकूं,
तुम ईतना ईमान
रखना, सामने
से वार
करना…
=-=-=-=-=
मशहूर हो गया
हूँ तो
ज़ाहिर है
दोस्तो
इलज़ाम सौ तरह
के मेरे
सर भी
आयेंगे,
थोड़ा सा अपनी
चाल बदल
कर चलो,
सीधे चले तो
पींठ में
खंज़र भी
आयेंगे…..
=-=-=-=-=
“रफ़्तार कुछ ज़िन्दगी
की यूँ
बनाये रख
ग़ालिब,
कि
दुश्मन भले आगे
निकल जाए
पर
दोस्त कोई पीछे
न छूटे…….
=-=-=-=-=
पाना है जो
मुकाम वो
अभी बाकी
है.
अभी तो आए
है जमीं
पर . आसमान
की उडान
अभी बाकी
है.
अभी तो सुना
है लोगो
ने सिर्फ
मेरा नाम.
अभी इस नाम
कि पहचान
बनाना बाकी
है….
=-=-=-=-=
मुस्कुराना तो मेरी
शख्सियत
का एक हिस्सा
है दोस्तों…..
तुम मुझे खुश
समझ कर
दुआओ में भूल
मत जाना….
=-=-=-=-=
“डर मुझे भी
लगा फांसला
देख कर;
पर मैं बढ़ता
गया रास्ता
देख कर;
खुद ब खुद
मेरे नज़दीक
आती गई;
मेरी मंज़िल मेरा
हौंसला देख
कर।”
=-=-=-=-=
क़दर किरदार की
होती है…
वरना…
कद में तो
साया भी
इंसान से
बड़ा होता
है..
“डर मुझे भी
लगा फांसला
देख कर;
पर मैं बढ़ता
गया रास्ता
देख कर;
खुद ब खुद
मेरे नज़दीक
आती गई;
मेरी मंज़िल मेरा
हौंसला देख
कर।”
=-=-=-=-=
क़दर किरदार की
होती है…
वरना…
कद में तो
साया भी
इंसान से
बड़ा होता
है..
=-=-=-=-=
मुझे जिंदगी का
इतना तजुर्बा
तो नहीं,
पर सुना है
सादगी मे
लोग जीने
नहीं देते।
 ‘हम वो
हैं जो
हार कर
भी यह
कहते हैं;
वो मंज़िल ही
बदनसीब थी,
जो हमें
ना पा
सकी;
वर्ना जीत की
क्या औकात;
जो हमें
ठुकरा दे..
=-=-=-=-=
हर एक इंसान
हवा में
उडा फिरता
है…
फिर न जाने
धरती पर
इतनी भीड़
क्यों हैl
=-=-=-=-=
पाना है जो
मुकाम वो
अभी बाकी
है.
अभी तो आए
है जमीं
पर .
आसमान की उडान
अभी बाकी
है.
अभी तो सुना
है लोगो
ने सिर्फ
मेरा नाम.
अभी इस नाम
कि पहचान
बनाना बाकी
है…
=-=-=-=-=
मेरे खुदा तू
मेरी ख्वाहिशों
को ही
कम कर
दे.. !
=-=-=-=-=
मुझको क्या हक…
मैं किसी को
मतलबी कहूँ,
मै खुद ही
ख़ुदा को…
मुसीबत में याद
करता हूँ
=-=-=-=-=
भरी जेब ने
‘ दुनिया ‘ की पहेचान  करवाई…
और
खाली जेब ने
‘ इन्सानो ‘ की……
=-=-=-=-=
Nigaho pe nigaho ke pehere hote hai. In nigaho ke ghav bhi
gehere hote hai.
Na jane q koste hai log badsurato ko, Barbad karne wale to
khubsurat chehre hote hai.
=-=-=-=-=
Agar khuda nahi to zikre kyu …
aur khuda hai to phir fikre kyu……
=-=-=-=-=
Mulaqate jaruri hei rishte bachaane ke liye
lagaakar bhul jaane se poudhe sukh jaate hei…
=-=-=-=-=
जाम पे जाम
पीने का
क्या फ़ायदा,
शाम को पी
सुबह उतर
जाएगीm,
अरे दो बून्द
दोस्ती के
पी ले
ज़िन्दगी सारी नशे
में गुज़र
जाएगी..
=-=-=-=-=
खुद में काबिलियत
हो तो
भरोसा कीजिये
साहिब।
सहारे कितने भी
अच्छे हो
साथ छोड
जाते है।
=-=-=-=-=
युं ही हम
दिल को
साफ़ रखा
करते थे…
पता नही था
की ‘किमत
चेहरों की
होती है..!!’
=-=-=-=-=
ऐ अंधेरे देख
ले मुँह
तेरा काला
हो गया
….
माँ ने आँखें
खोल दीं
घर में
उजाला हो
गया …
=-=-=-=-=
कब ठीक होता
है हाल
किसी के
पूछने से…..
बस तसल्ली हो
जाती है
कोई फिकरमंद
है अपना…..!!
=-=-=-=-=
कभी फूलों की
तरह मत
जीना,
जिस दिन खिलोगे…
टूट कर
बिखर्र जाओगे
जीना है तो
पत्थर की
तरह जियो;
जिस दिन तराशे
गए… “खुदा”
बन जाओगे
।।
=-=-=-=-=
बुरा नहीं सोचा
मैंने कभी
भी किसी
के लिए……
जिसकी जैसी सोच
उसने वैसा
ही जाना
मुझे ..
=-=-=-=-=
कैद कर दिया
सापों को
ये कहकर
सपेरे ने.
बस अब ईन्सानो
को डसने
के लिये
ईन्सान काफी
है.
=-=-=-=-=
मौत का आलम
देख कर
तो ज़मीन
भी दो
गज़ जगह
दे देती
है…
फिर यह इंसान
क्या चीज़
है जो
ज़िन्दा रहने
पर भी
दिल में
जगह नहीं
देता…
=-=-=-=-=
रेगिस्तान भी ” हरा
” होता हे..,
जब ” पर्श ” नोटों
से भरा
होता हे..!
=-=-=-=-=
शायद ख़ुशी का
दौर भी
आ जाये
एक दिन….
गम भी तो
मिल गए
थे तमन्ना
किये बगैर…
!
=-=-=-=-=
नेकियाँ कर के
जो दरिया
में डाल
दोगे अभी;
वही तूफानों में
कश्तियाँ बन
कर साथ
देंगी कभी।
=-=-=-=-=
वो कहते हैं
सोच लेना
था मुहब्बत
करने से
पहले।
अब उनको कौन
समझाए
सोच कर तो
साजिश की
जाती हैं
मुहब्बत
नहीं।।
=-=-=-=-=
दिमाग से प्यार
और दिल
से फैसले
दोनों ही बेहतर
नहीं होते।
=-=-=-=-=
कभी कभी पत्थर
की ठोकर
से भी
नहीं आती
खरोंच,
और कभी ज़रा
सी बात
से इंसान
बिखर जाता
है..
=-=-=-=-=
किसी को क्या
हासिल होगा
मुझे याद
करने से,
मैं तो एक
आम इंसान
हूँ और
यहाँ तो
हर किसी
को ख़ास
की तलाश
है….
=-=-=-=-=
चंद सिक्को की
विडंबना है,
जो खुद
का बच्चा
रोता छोङ
मालकिन के बच्चो
को रोज
खिलाने जाती
है वो
… ।।।
=-=-=-=-=
जिसने इस दौर
के इन्सान
किये है
पैदा
वो मेरा भी
खुदा होगा
मुझे मंज़ूर
नहीं |

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बिखरे है अश्क कोई साज़ नही देता, खामोश हैं सब कोई आवाज़ नही देता. कल के वादे सब करते है मगर, क्यूँ कोई साथ आज नही देता….??

Hindi Sad Shayari Pictures
बिखरे है अश्क
कोई साज़
नही देता,
खामोश हैं सब
कोई आवाज़
नही देता.
कल के वादे
सब करते
है मगर,
क्यूँ कोई साथ
आज नही
देता….??

Sad Shayari in Hindi – Part-3 (Toote Dil Ki Shayari, Broken Heart Shayari, Tanhai, Bewafai, Judai)

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Sad Shayari in Hindi – Part-3
(Toote Dil Ki Shayari, Broken Heart Shayari, Tanhai, Bewafai, Judai)
मुझसा कोई जहाँ में नादान भी न हो
,
कर के जो इश्क कहता है नुकसान भी न हो
…!!
=-=-=-=-=
मेरे ही हाथों पर
लिखी है तकदीर मेरी;
और मेरी ही तक़दीर पर मेरा बस नहीं चलता।
=-=-=-=-=
क्या खूब होता अगर यादें रेत होती…
मुठी से गिरा देते, पाँव से उड़ा देते…
=-=-=-=-=
जीने के लिए रोज़ हँस लेता हुँ,
मगर,
रोज़ थोड़ी थोड़ी ज़िन्दगी बेच लेता हुँ…
=-=-=-=-=
आगे आती थी हाल ए  दिल पे हसी
अब किसी बात पे
नहीं आती
=-=-=-=-=
अब  इस से  ज्यादा  क्या नरमी  बरतू
दिल  के ज़ख्मो को छुया है  तेरे गालों  की तरह
=-=-=-=-=
पत्ता पत्ता बूटा  बूटा  हाल  हमारा जाने हैं
जाने न  जाने गुल  ही न  जाने  , बाग़  तो सारा  जाने  हैं
=-=-=-=-=
मेरे लफ्जों स न कर
मेरे किरदार का फैसला
तेरा वजूद मिट जायेगा मेरी हकीक़त ढुँढते ढुँढते
=-=-=-=-=
कुछ तबियत ही  मिली थी ऐसी  , चैन से जीने  की सूरत न हुयी
जिसको चाह उसको अपना न सके
, जो मिला उस से  मोहब्बत न हुयी
=-=-=-=-=
जिंदगी के राज़ को
रहने दो,
अगर है कोई ऐतराज़ तो रहने दो,
पर जब दिल करे हमें याद करने को,
तो उसे ये मत
कहना के आज रहने दो
=-=-=-=-=

जिनके मिलते ही ज़िन्दगी में ख़ुशी मिल जाती है
वो लोग जाने क्यों ज़िन्दगी में कम मिला करते हैं।
=-=-=-=-=
ज़ख़्म जब मेरे सिने के भर जाएँगे,
आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएँगे,
ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया,
वरना कुछ अपनो के
चेहरे उतर जाएँगे
=-=-=-=-=
जब मोहब्बत ही नहीं दरमियाँ..
वो रुठेंगे भी क्या, हम
मनाएंगे भी क्या…
=-=-=-=-=
आज जाकरके उसने, सच में भुलाया है मुझे…
वरना ये हिचकियाँ , पानी से तो नहीं जाती थीं…
=-=-=-=-=
तू इतना याद ना
कर मुझ को
,
के हिचकिया तेरे राज़ , सरे आम खोलती है
=-=-=-=-=
बेवफाई तो यहाँ सभी करते हैं…………
अरे आप तो समझदार थे कुछ तो नया करते..
=-=-=-=-=
ऐसी बेरुखी भी देखी है हम ने…..
के लोग,आप
से तुम तक……
 तुम से
जान तक,
फिर ‘जान’ से….. ‘अनजान’ तक
हो जाते है.
=-=-=-=-=
अजीब फितरत है उस
समंदर की…………………..
जो टकराने के लिए पत्थर ढुंढता है…..
=-=-=-=-=
वो मेरी किस्मत मैं नहीं,
ये सुना है लोगों से,
फिर सोचता हूँ, किस्मत खुदा लिखता है,
लोग नहीं….
=-=-=-=-=
जिन्दगी ने आज फिर हमारी अजमाइश की है
l
भूले हुए लोगो से
फिर मिलने की फरमाइश की है
=-=-=-=-=
इक-इक पत्थर जोड़ के मैंने जो दीवार बनाई है
झाँकूँ उसके पीछे तो
रुस्वाई ही रुस्वाई है
=-=-=-=-=
हम बने ही थे
तबाह होने के लिए…
तेरा मिलना तो बस
एक बहाना था..
=-=-=-=-=
आराम से कट रही थी तो अच्छी थी….
जिंदगी तू कहाँ इन
आँखों की बातों में आ गयी….
=-=-=-=-=
तुमसे मुमकिन हो तो
रोक दो सासें मेरी…
दिल जो थङकेगा तो
याद तुम ही आओगे…!!
=-=-=-=-=
Hai Chand Ka Muhn Bhi Utra Utra
Taro Ne Chamkna Chod Diya
Jis Din Se Juda Wo Humse Huye
Is Dil Ne Dhadkna Chhod Diya
=-=-=-=-=
Chale jaana chaahta hu tujhe tere haal par chhod kar,
Qaddar kyaa hoti hai pyaar ki tujhe waqt hi sikha dega..
=-=-=-=-=
Meri tadap toh kuch bhi nahi hai…
Suna hai uss ke deedar ko toh aainay bhi taraste hain..
=-=-=-=-=
Jaruri nahi ki kaam se hi insan thak jaye ,
Khayalo ka boj bhi insan ko thaka deta hai…
=-=-=-=-=
Muje Nahi Pata..,Ye Sudhar Gaya Ya Bigad gaya…
Bassss Ab Ye Dil kisi Se Muhaabat Nahi Karta. . .
=-=-=-=-=
Main kaun hoon yeh pata chal jaaye toh mujhe bhi bata dena.
Kaafi dinon se talash hai mujhe meri.
=-=-=-=-=
Meri likhi baat ko har koi samaj nahi paata..,
kyonki mein ehsaas likhta hoon aur log alfaz padhte hain…
=-=-=-=-=
Chalo So Jate Hain ab Phir Kisi Such ki Talash Me ,,
K Subha Phir is Jhooti Dunya Ka Deedar Karna Hai …!!
=-=-=-=-=
Aap To Chand Ho Jise Sab Yaad Karte Hain,
Hamari Kismat To Sitaro Jaisi Hai, Yaad Karna To Door…
=-=-=-=-=
Log Apani Khwahish Ke Liye Bhi
Hamare Tootne Ka Intezar Karte Hain.
=-=-=-=-=
Kuch is liye raato ko sona chod diya hum ne……
Agar wo khwab me bhi bichad gaye to mar jayenge hum……
=-=-=-=-=
Tum, Tum aur sirf Tum,
Lo khatam hui yeh dastan dil ki..
=-=-=-=-=
Khuda Na Kary _____ .
Tuje Tuj Sa Miley Koi . !!
=-=-=-=-=
Teri yaad se to acchhi meri sharaab hai zaalim. …
Kambakht rulaane Ke bad sula to deti hai mujko. …
=-=-=-=-=
Suno !
Ye jo ishq ha na…,,
Jaan le leta ha,, Magar phir bhi maut nahi ati…!!
=-=-=-=-=
Jate Hue Us Shakhs Ne Ek Ajab Bad’dua Si Di..!
Tujhe MiLein do Jahan Ki Khushiyan Par Koi Mujh Sa Na
Mile..!
=-=-=-=-=
Wo Log Q miLte hi Utar jate hain diL main
Jin Logon se Qismat k Sitare nhi miLte…
=-=-=-=-=
Tera Bhi Hota Agar DiL, Ae IshQ
Din Main Taare Tujhe Bhi Dikha Daiti…
=-=-=-=-=
Mere Sajdon Mein Kami To Na Thi Aye KHUDAa
Kya Mujh Se Bhi Barh K Kisi Ne MaanGa Tha Usey…
=-=-=-=-=
Bhooool Jaaata Hooon Saaari Duniyaaa ………!
Mujhy Tum Itna Yaaaad Aaaty Ho…
=-=-=-=-=
Gilaa Banta Hi Nahi Be’Rukhi Ka…!!
DiL Hi To Tha____ Bhar Gaya HoGa…!!
=-=-=-=-=
Kabhi PathaR ki Thokar se Bhi NhiN ati KharaaSh,,,,
Kabhi Ek zra si Baat se InsaaN bikher Jata he……!!!!!
=-=-=-=-=
Halaat kuch iss tarah badlay uss k or meray dermiyan.
Na usay meri zarurat rehi na mujhay uss ki tamana…
=-=-=-=-=
Ay Tabib ! Ek Bar Tou Kr dy Dawa-e-Dard-e-Dil,
Agli Bar Toba, So Baar Toba, Hum Muhabbat Na kary Gy………………
=-=-=-=-=
Tery Grajney Se bohot khOff Aata hai ..
Ay Badal ..
Tu Be-Awaaz hi BaraS liya kar mere AnSuon ki tarah…..
=-=-=-=-=
Abb koiiii aarzo nhiii baki..
justaju meriii akhriiii tum thy….!
=-=-=-=-=
Jab Jaan Pyari Thi Toh Dushman Hazaron The…
Ab Marne Ka Shauk Hua To Qatil Nahi Milte….
=-=-=-=-=
Khafa nahi hu tujse ae zindagi
aadat si pad gai hei ruthne ki..
=-=-=-=-=
Mat Chaho Kisi Ko Itna Toot Kar Zindagi Me
Bichard Gaye Toh Har Ek Ada Tang Karegi..!!
=-=-=-=-=
Bus ik khayal sy anso chupa lye hum ne
udas rah kar ksi ko udas kya karna!!!?
=-=-=-=-=
Ansu0n ko khabar kaise hui teri judai ki..
Shayad ye khud hi nikal aye hain teri talash me…
=-=-=-=-=
Mujhe Na Dhoond Zameen-o-Asman ki Gardishon mein,,,,,
Mein Agar tere dil Mein Nahin to kaheen bhi nahi…
=-=-=-=-=
Umeed -e- wafa na rakhna un logon se dosto .
Jo milte h kisi aur se aur hote h kisi or ke…
=-=-=-=-=
Dil Ki Duniya Kuch Iss Tarah Se Ujdi,
Usne Dard Ka Aadi Banna Ke Dard Dena Chodd Diya!
=-=-=-=-=
Muqaddar Mein Raat Ki Neend Nahi Toh Kya Huva,
Jab Mout Aayegi Toh Jee Bhar Ke Soa Lain Ge.
=-=-=-=-=
KHayal_e_Yarr mein neend ka tassawur kaisa?????
Ankh lagti he nai hai Ankh lagi hai jub se..
=-=-=-=-=
Nahi Rahi Woh Muhabbat Ki Haqiqat Aaj K Daur Main,,,
Nafz Ki Pyaas Bujhane Ko Log Ishq Ka Naam Dete Hain…
=-=-=-=-=
Khud Se Hi Fursat Na Mili Kabhi Warna
Hum Agar Kisi K Hotay Sirf Tumhare Hotay…
=-=-=-=-=
Shikway, To Youn Karte Ho Mujh Se
Jese Sirf, Mere Hee Ho Tum…
=-=-=-=-=
Ye tera khel na ban jaye haqiqat ek din…
Ret pe likh k mera naam mitaya na karo…
=-=-=-=-=
Aksar Log Hame Bhul Jate Hai,
Aur Hum Bewkuf
Unki Yaando Me,
Apna “AASHIYANA” Bana Lete Hai.!!
=-=-=-=-=
कौन कहता है कि
दिल सिर्फ लफ्जों से दुखाया जाता है..
तेरी खामोशी भी कभी कभी आँखें नम कर देती हैं
… !!
=-=-=-=-=
चाँद ने की होगी सूरज से महोब्बत इसलिए तो चाँद मैं दाग है
मुमकिन है चाँद से
हुई होगी बेवफ़ाई इसलिए तो सूरज मैं आग है
=-=-=-=-=
मुहब्बत तो दिल देकर, की
जाती है मेरे दोस्त।
चेहरा देखकर तो लोग,सिर्फ सौदा करते हैँ।..
=-=-=-=-=
जनाजा इसीलिए भी भारी हे मेरा..
कि सारे अरमान साथ लिये जा रहा हूँ ।
=-=-=-=-=
यूँ ना बर्बाद कर
मुझे,
अब तो बाज़ आ दिल दुखाने से ।
मै तो सिर्फ इन्सान हूँ,
पत्थर भी टूट जाता है,
इतना आजमाने  से ।
=-=-=-=-=
वफादार और तुम…??
ख्याल अच्छा है,
बेवफा और हम…??
इल्जाम भी अच्छा है…
=-=-=-=-=
सामने मंजिल थी और, पीछे उसका वज़ूद…क्या करते,
हम भी यारों.
रूकते तो सफर रह
जाता…
चलते तो हमसफर रह जाता…”
=-=-=-=-=
हजारों झोपड़िया जलकर राख होती हैं,
तब जाकर एक महल बनता है.
आशिको के मरने पर
कफ़न भी नहीं मिलता,
हसीनाओं के मरने पर “”ताज महल””
बनता है.
=-=-=-=-=
माना की दूरियां कुछ बढ़ सी गयीं हैं
लेकिन तेरे हिस्से का
वक़्त आज भी तनहा गुजरता है…
=-=-=-=-=
मुझे मालूम है कि
ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं…
मगर जिंदा रहने के
लिए कुछ गलतफहमियां जरूरी हैं…!!
=-=-=-=-=
हम बने थे तबाह होने के लिए……
तेरा छोड़ जाना तो
महज़ इक बहाना था….!!
=-=-=-=-=
मैं आपकी नज़रों से
नज़र चुरा लेना चाहता हूँ,
देखने की हसरत है
बस देखते रहना चाहता हूँ ।
=-=-=-=-=
दर्द तन्हाँ कभी नहीं रहता
ये तुझे, मुझमें तलाश लेता है
=-=-=-=-=
तुम से जिद करते तो हम मांगते क्या…!
खुद से जिद करके तो तुमको मांगा था
=-=-=-=-=
उनकी ना थी खता, हम
ही कुछ गलत समझ बैठे यारों……
वो मुहब्बत से बात करते थे,
तो हम मुहब्बत समझ बैठे…..
!!
=-=-=-=-=
ऐ ज़िन्दगी मुझे तोड़ कर ऐसे बिखेर अब की बार…….
ना खुद को जोड़ पाऊँ मै,
ना फिर से तोड़ पाये वो…..!!
=-=-=-=-=
गल्हतफ़हमी की गुंजाईश नहीं सच्ची मुहब्बत में………
जहाँ किरदार हल्का हो
कहानी डूब जाती है…….!!
=-=-=-=-=
जिंदगी से कोई चीज़ उधार नहीं मांगी मैंने….
कफ़न भी लेने गए
तो जिंदगी अपनी देकर….!!
=-=-=-=-=
कुछ ज़ख्म सदियों बाद भी ताज़ा रहते है……
वक़्त के पास भी
हर मर्ज़ की दवा नहीं होती…!!
=-=-=-=-=
हाथ ज़ख़्मी हुए तो
कुछ अपनी ही खता थी…..
लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर….!!
=-=-=-=-=
मेरा कत्ल करके क्या मिलेगा तुमको…….
हम तो वैसे भी
तुम पर मरने वाले हैं
….!!
=-=-=-=-=
खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं………
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं….!!
=-=-=-=-=
सूखे होठो से ही
होती हैं प्यारी बातें
प्यास बुज़ जाये तो
इंसान और अल्फाज़ दोनो बदल जाते हैं
..!!
=-=-=-=-=
“हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं”
=-=-=-=-=
होठों ने सब बातें छुपा कर रखीं
……
आँखों को ये हुनर…
कभी आया ही नहीं
……
=-=-=-=-=
कितनी सदियों के बाद मिले हो,
वक़्त से क्यों, इतना छिले हो!!!?
=-=-=-=-=
इक ज़ख़्मी परिन्दे की
तरह जाल में हम हैं,
ऐ इश्क़ अभी तक
तेरे जंजाल में हम हैं।
=-=-=-=-=
खुदा भी अब मुझसे बहुत परेशान है……
रोज़ रोज़ जब से
दुआ में तुझे मांगने लगा हूँ….!!
=-=-=-=-=
मालूम होता है भूल गए हो शायद…….
या फिर कमाल का
सब्र रखते हो…..!!
=-=-=-=-=
 “ना मुस्कुराने को जी चाहता है,
ना आंसू बहाने को
जी चाहता है,
लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में,
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.”
=-=-=-=-=
कुछ ना रहा पास तो रख ली संभाल कर तन्हाई
.
.
ये वो सल्तनत है
जिसके बादशाह भी हम
वज़ीर भी हम और
फ़क़ीर भी हम………
=-=-=-=-=
 “इस कदर हर तरफ तन्हाई है,
उजालो मे अंधेरों की
परछाई है,
क्या हुआ जो गिर गये पलकों से आँसू,
शायद याद उनकी चुपके से चली आई है
=-=-=-=-=
इतनी पीता हू….
इतनी पीता हू की
मदहोश रहता हू.
सब कुछ समझता हू
पर खामोश रहता हू
जो लोग करते ह मुझे गिराने की कोशिश
मे अक्सर उन्ही के
साथ रहता हू|.
=-=-=-=-=
हकीकत में ये ख़ामोशी हमेशा चुप नहीं होती।
कभी तुम ग़ौर से
सुनना ये बोहत क़िस्से सुनाती है।
=-=-=-=-=
तेरी महफिल से उठे तो किसी को खबर तक नही थी
!
तेरा मुड़-मुड़कर देखना हमे बदनाम कर गया
=-=-=-=-=
“जाने कब-कब किस-किस ने कैसे-कैसे तरसाया मुझे,
तन्हाईयों की बात न पूछो महफ़िलों ने भी बहुत रुलाया मुझे”
=-=-=-=-=
ला तेरे पेरों पर
मरहम लगा दूं…
कुछ चोट तो तुझे भी आई होगी मेरे दिल को ठोकर मार कर…!!!
=-=-=-=-=
उनसे कहना कि किस्मत पे इतना नाज़ ना करें,
हमने बारिश में भी
जलते हुए मकान देखें हैं
=-=-=-=-=
ये मुकरने का अंदाज़ मुझे भी सीखा दो
वादे नीभा-नीभा के थक
गया हूँ मैं…
=-=-=-=-=
“दीदार की ‘तलब’
हो तो नज़रे जमाये रखना
‘ग़ालिब’
क्युकी, ‘नकाब’ हो या ‘नसीब’…..सरकता जरुर है.”
=-=-=-=-=
हमे पता था की
उसकी मोहब्बत में ज़हर हैं
;
पर उसके पिलाने का
अंदाज ही इतना प्यारा था की हम ठुकरा ना सके !
=-=-=-=-=
लोग कहते है हम
मुस्कराते बहुत है…
और हम थक गए
दर्द छुपाते छुपाते…
=-=-=-=-=*
गम में भी हम
इस तरह जीते हैं
जैसे शादियों में लोग शराब पीते हैं
=-=-=-=-=
बादलों से कह दो
अब इतना भी ना बरसे….
अगर मुझे उनकी याद आ गई,
तो मुकाबला बराबरी का
होगा….
=-=-=-=-=
छीन लेता है हर
चीज मुझसे
ए खुदा…
क्या तू भी इतना गरीब है????
=-=-=-=-=
कितना अजीब हो गर
पलट जाये बाजी सारी..
वो मुझे याद करे और मै मसरूफ रहू.
=-=-=-=-=
अगर है दम तो
चल डुबा दे मुजको,
समंदर नाकाम रहा, अब तेरी आँखो की बारी…।..
=-=-=-=-=
कुछ तुम को भी
अज़ीज है अपने सभी उसूल,
कुछ हम भी इत्तेफाक से जिद्द के मरीज़ हैं ।।
=-=-=-=-=
सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह
…. ..
उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह
.
=-=-=-=-=
उसने पूछा …कोई आखरी ख्वाइश ?
ज़ुबान पे फिर ” तुम ” आ गया
=-=-=-=-=
सहमी-सहमी हुई रहती हैं मकाने दिल में
आरज़ूएँ भी ग़रीबों की
तरह होती हैं
..
=-=-=-=-=
Iss Nazar” Se Dekha Hai Tujhe..
Jis Nazar Se Tujhe “Nazar” Na Lage !
=-=-=-=-=
अजब पहेलियां हैं हाथों की लकीरों में…
सफर ही सफर लिखा है हमसफर कोई नहीं…
=-=-=-=-=
क्या नए ज़ख्म की
यह आहट है,
आज फिर कोई मुझे ‘अपना’ कह
गया..|।।
=-=-=-=-=
दिल प्यार में बेक़रार भी होता हैं दोस्ती में थोड़ा इंतज़ार भी होता हैं
होती नहीं प्यार में दोस्ती पर दोस्ती में शामिल प्यार भी होता हैं
=-=-=-=-=
वो रोज मुझको देती है जीने के मशवरे
!!..
और वो खुद अपनी मुठ्ठी में मेरी जान लिये बैठी है
!!!!…
=-=-=-=-=
बहुत अन्दर तक तबाही मचाता है
वो आंसू जो आँखों से
‘बह’ नहीं पाता है……..
=-=-=-=-=
अपनों की चाहतों ने
दिया कुछ ऐसा फरेब
,
कि रोते रहे लिपटकर हर एक अजनबी से हम…
=-=-=-=-=
अब हाल पर हमारे~हमको छोड़ भी दो यारों~~
लेते फिरें तुम्हारे अहसान और कितने…।।।
=-=-=-=-=
तन्हाइयों की आदत अब
हो गई हमें तुम्हारा पास आना,अब
भाता नहीं
यूं फैले हमारी चाहतों के फासले,
अब किसी चाहत से,कोई नाता नहीं
=-=-=-=-=
हक़ीकत से बहुत दूर है ख्वाहिश मेरी,
फिर भी ख्वाहिश है
कि…
एक तेरा ख्वाब हक़ीकत हो जाए………!
=-=-=-=-=
ए दिल ,चल एक सौदा करते हैं
,
मैं उसके लिए तड़पना छोड़ देता हूँ
, तू मेरे लिए धड़कना छोड़ दे
…!!
=-=-=-=-=
चलते थे इस जहाँ में कभी सीना तान के हम
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ घुटनो पे आ गए..
=-=-=-=-=
गुमान न कर अपनी खुश-नसीबी का..
खुदा ने गर चाहा तो तुझे भी इश्क होगा..
=-=-=-=-=
तुझे कोई और भी
चाहे,
इस बात से दिल थोडा थोडा जलता है,
पर फकर है मुझे इस बात पे कि,
हर कोई मेरी पसंद पे ही मरता है…!!!
=-=-=-=-=
वो अपने फ़ायदे की
खातिर फिर आ मिले थे हम से,
हम नादान समझे के
हमारी दुआओं में असर बहुत है..
=-=-=-=-=
जिसको सूरज मेरी चौखट से मिला,

वों उजाले हमे खैरात में देतें है….
!!!
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